किसी भी कवि या लेखक की प्रथम कृति का लोकार्पण ऐसा है जैसे एक प्रसूता और सद्य बालक का सूर्यपूजन : अंबिकादत्त
03 Oct 2020
" साहित्य मानवता का प्रहरी है।" राहुल शर्मा
दिनाँक 03/10/2020 को प्रसिद्ध सूर्य मंदिर, बुढादीत में राष्ट्रीय रचनाकार शिक्षक प्रगति मंच के तत्वाधान में युवा कवि किशन 'प्रणय' की पहले सद्य काव्य संग्रह का लोकार्पण गरिमामय समारोह में सम्पन्न हुआ ।
समारोह की अध्यक्षता महात्मा गाँधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) मल्टीपरपज, कोटा के प्रधानाचार्य श्री राहुल शर्मा ने की । मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार श्री अम्बिका दत्त चतुर्वेदी थे। विशिष्ट अतिथि आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक, कवि और साहित्यकार श्री रामनारायण हलधर, केंद्रीय साहित्य अकादमी से सम्मानित कवि श्री सी.एल. सांखला, कवि व गीतकार श्री प्रेमशंकर शास्त्री, कवि श्री प्रेममेघ थे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ गीतकार श्री विष्णु विश्वास द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई । कार्यक्रम का सफल संचालन युवा समीक्षक और लेखक डॉ. नन्दकिशोर महावर ने किया।
मुख्य अतिथि श्री अम्बिकादत्त जी ने कहा कि-:" किसी भी कवि या लेखक की प्रथम कृति का लोकार्पण ऐसा है जैसे एक प्रसूता और सद्य बालक का सूर्यपूजन ।
अध्यक्षीय उदबोधन से बोलते हुए श्री राहुल शर्मा ने कहा कि:-" साहित्य मानवता का प्रहरी है, वह प्रत्येक देश-काल में अपनी ज़िम्मेदारी को निभाता आया है ।"
विशिष्ट अतिथि पद से बोलते हुए श्री रामनारायण हलधर ने कहा कि:- "कम उम्र में जो कृति आती है, वह खेत जोतने जैसा है । बाद में वही बड़ी फसल बनती है और साहित्य में समादृत होती है ।"
इस अवसर पर महात्मा गाँधी और लालबहादुर शास्त्री को भी याद किया गया ।
इस कार्यक्रम में अतिथियों को श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
'राष्ट्रीय शिक्षक रचनाकार प्रगति मंच' के सदस्य श्री सी. एल. साँखला ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया ।