"जो जिया जाता है वही कविता है।" : सी.एल.सांखला
18 Jul 2021
*बरगद में भूत* *पुस्तक विमोचन सम्पन्न*
कोटा,दि.18.07.21 रविवार को कलादीर्घा में युवा साहित्यकार *किशन "प्रणय"* की पुस्तक *'बरगद में भूत* का विमोचन बरसात की रिमझिम फुहारों के बीच समारोह संपन्न हुआ।
- "जो जिया जाता है वही कविता है।"..........वरिष्ठ साहित्यकार सी.एल.सांखला
कोटा के युवा साहित्यकार किशन 'प्रणय' की नवरचित पुस्तक *'बरगद में भूत'* का विमोचन रविवार को हाडौती के जाने माने साहित्यकारों के सानिध्य में कला दीर्घा कोटा में कोरोना गाइड लाइन की पालना में संपन्न हुआ ।
विमोचन समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार बाबा *जितेंद्र 'निर्मोही'* अध्यक्ष,विख्यात साहित्यकार *अंबिकादत्त चतुर्वेदी* मुख्यअतिथि तथा वरिष्ठ साहित्यकार सी.एल.सांखला, वरिष्ठ समीक्षक व रा.महाविद्यालय पिडा़वा के सेवा निवृत्त प्राचार्य शशिप्रकाश चौधरी विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।वहींं करसो खेत खलांण ग्रामीण साहित्य व लोकसंवर्धन समिति ढोटी के संस्थापक व हाडौती के वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश भारती , प्रेम शंकर शास्त्री , हाडौती के वरिष्ठ गीतकार विष्णु 'विश्वास', वरिष्ठ साहित्यकार विजय जोशी , राजेंद्र पंवार , अंग्रेजी भाषा के लेखक नितेश शर्मा ,डा.राकेश सिंह, विशेष अतिथि के रूप में मंचासीन थे।
समाऱोह का आरंभ अतिथियों द्वारा मां शारदा की विधिवत पूजा अर्चना व साहित्यकार देवकी 'दर्पण' द्वारा की गई वंदना के साथ हुआ। तत्पश्चात सभी अतिथियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया ।
समारोह के द्वितीय में चरण में युवा साहित्यकार किशन 'प्रणय' द्वारा रचित पुस्तक *'बरगद में भूत '* पर चर्चा आयोजित हुई जिसमें वरिष्ठ साहित्मकार व समालोचक विजय जोशी , शशिप्रकाश चौधरी , जगदीश भारती , विष्णु विश्वास , शशिप्रकाश चौधरी ,प्रेमशास्त्री ने अपने अपने विचार प्रकट किए।
वरिष्ठ साहित्यकार *सी.एल.सांखला* ने अपने उदबोधन में कहा कि *वास्तविक जीवन में जो जिया जाता है मूल रूप से वही कविता होती है।*
अपने अध्यक्षीय उदबोधन में जितेंद्र निर्मोही ने किशन प्रणय द्वारा एक वर्ष में दूसरी कृति समाज को समर्पित करने पर बधाई देते हुआ कहा कि *यह रचना साहित्य जगत में मील का पत्थर सिद्ध होगी।* वहीं समारोह के मुख्य अतिथि *अंबिकादत्त चतुर्वेदी* ने अपने उदबोधन में कहा कि *किशन.'प्रणय' नवोदित और युवा साहित्यकारों के लिए प्रेरणा देने वाले बडे उदाहरण स्वरूप हैं नवरचनाकारों को इसी तरह आगे बढने की आवश्यकता है।*
समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार सीएल सांखला की राजकीय सेवा में षष्ठीपूर्ती पर शाल औढाकर व श्री फल भेंट कर सम्मानित किया गया । हाडौती के सुरीले गीतकार विष्पु विश्वास द्वारा अपनी प्रतिनिधि रचना 'धणी ' की प्रस्तुति पर वहाँ उपस्थित सभी साहित्यकार आनंदित हो उठे ।इस अवसर पर समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों और साहित्यकारों को 'बरगद का भूत' पुस्तक की एक -एक प्रति प्रदान की गई ।
समारोह के अंत में वरिष्ठ साहित्यकार दयाकृष्ण विजय के निधन पर दो मिनट का मौन रखते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।समारोह का कुशल संचालन वरिष्ठ साहित्यकार *डा.नंदकिशोर महावर* ने अपने चिरपरिचित साहित्यिक शैली में किया ।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार आर.सी.आदित्य ,योगेश यथार्थ , दीपेश जोशी, सी.पी.शर्मा सहित हाडौती क्षेत्र के कई साहित्यकार उपस्थित रहे।
अंत में मेजमान कवि, साहित्यकार *किशन प्रणय* द्वारा इस अवसर पर उपस्थित सभी साहित्यकारों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।